Pita Putra Aur Sapney ( पिता पुत्र और सपने )

By (author)Yashpal Singh

$4.50$7.00

ISBN‏ : ‎ 978-93-86240-80-4

प्रकाशक ‏ : ‎ Gutenberg Books (3 ​दिसंबर 2020)

भाषा ‏ : ‎ हिंदी

फ़ाइल का साइज़ ‏ : ‎ 95014 KB

पिता शक्ति है, पिता भक्ति है, पिता अभिमान है, पिता त्याग व बलिदान का दूसरा नाम है। पिता ही ईश्वर का दूसरा स्वरूप है, माता – पिता ही इस धरती पर ईश्वर का अवतार है। पिता मोहब्बत का वह दिया है जो जल के अपनी संतान को रौशनी देता है। महान विद्वान हजरत अली ने कहा माँ के पैरों के नीचे जन्नत है, पिता जन्नत का दरवाजा है। पिता वो महान इंसान है जो अपना जीवन त्याग देता है अपनी संतान के भविष्य के लिए। उसका सुकून छिन जाता है, बच्चों का भविष्य उसका जुनून बन जाता है। वह अपना भविष्य अपनी संतान में देखता है। अपने बच्चे के भविष्य के लिए वो कभी सख्त है, कभी नर्म है, कभी प्यार से डाटना, कभी डाट के समझाना, कभी खुश होके गले लगाना, कभी नाराज होके समझाना। भगवान में न दिखाई देने वाले माता – पिता होते हैं, परन्तु माता – पिता में दिखाई देने वाले भगवान होते हैं। पिता जी ऊँगली पकड़कर हमें चलना सिखाते है, ज्ञान के कई स्त्रोत हैं पर संस्कार पिता से आते हैं। पिता वो है जो संतान की जीत के लिए सब कुछ हारने को तैयार रहता है। किसी कवी ने क्या खूब कहा
न दिन दिखाई देते हैं, न रात दिखाई देते हैं,
पिता को बस घर भर के हालत दिखाई देते हैं
श्री यशपाल सिंह जी की यह पुस्तक पिता पुत्र और सपने प्रकाशित करके मुझे बहुत खुशी महसूस हो रही है, क्यूंकि यह पुस्तक एक अलग ही शैली की पुस्तक है। इस पुस्तक में उन्होंने अपने अनुभवों को कलमबन्द किया है। लेखक ने एक अलग ही अंदाज में इस पुस्तक को लिखा है, जो हर माँ बाप के लिए बहुत ही उपयोगी है। आशा करता हूँ की पाठकों को यह पुस्तक बहुत पसंद आएगी। गुटेनबर्ग समूह की ओर से लेखक को बहुत-बहुत शुभकामनायें।

Weight 250 g
Dimensions 25 × 3.5 × 17 cm
Book Format

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